एपीएमसर कर शक्तियां और कार्य

  1. इस अधिनियम के प्रावधनों और अधिसूचित बाजार क्षेत्र में उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों और उपनियमों को लागू करना।
  2.   बाजार क्षेत्र में बाजार स्थापित करना वह कृशि उपज के सम्बन्ध में खरीद, बिक्री, भंडारण, तोल और प्रसंस्करण करने वाले व्यक्तियों की समय-समय पर सहायता करनी।
  3. बाजार क्षेत्र में कृशि उपज के विपणन का निरक्षण करने, दिषा निर्धारित करने व नियंत्रण बनाए रखने व इस मामले के सम्बंध में कार्य करना और इस अधिनियम के अधीन दर्षाए हक को इस्तेमाल करने जो इस सम्बंध में जरूरी हो और ;घद्ध वह सभी कार्य करने जिससे मुल्य प्रणाली व बाजार में हो रहे लेन-देन में पारदर्षता बनी रहे और बाजार क्षेत्र में बने बाजार   अहाते व उप बाजार अहाते की देख रेख करे। बाजार क्षेत्र व क्षेत्र से बाहर व उप बाजार क्षेत्र के अन्दर व उप बाजार क्षेत्र के बाहर कृशि पैदावारों के परिवहन की सुविधा प्रदान करना।
  4. बाजार क्षेत्र के भीतर बाजार अहाते व उप बाजार अहाते का प्रबंधन करना।
  5. विपणन के लिए आवष्यक सुविधाएं प्रदान करनी और बाजार अहाते के भीतर और अहाते के बाहर और उप बाजार अहाते के भीतर व बाहर कृशि पेदावारों के परिवहन की सुविधा प्रदान करना।
  6. समिति की इस अधिनियम या उवविधियों के तहत बनाए गए नियमों के तहत निर्धारित प्रावधान और प्रक्रिया के अनुसार अधिसूचित कृशि उपज की नीलामीए विनियमित आचरण या निगरानी रखना।
  7. अधिसूचित कृशि उपज के बाजार से संबंधित उत्पादन को नियंत्रित बनाना, बाहर ले जाने और बिक्री, तोल, वितरण, भुगतान और निर्धारित तरीके से अन्य सभी मामलों के समझौतों के प्रवर्तन या रद्द करने को विनियमित करना।
  8. विक्रेता और अधिसूचित कृशि उपज और सभी मामलों के सहायक वहां के विवरण के साथ जुड़े लेन-देन के किसी भी प्रकार पर से उत्पन्न खरीददार के बीच सभी विवादों के निपटारे के लिए प्रदान करना।
  9. अधिसूचित कृशि उपज की मिलावट को रोकने के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएं