बोर्ड की शक्तियां और कार्य

  1. सभी समितियों जो इस कानून के तहत गठित की गई है, पर अधीक्षण व नियंत्रण करना।
  2. बाजार और बाजार क्षेत्रों के विकास के लिए समितियों द्वारा किये गये कार्याक्रम की समिक्षा व अन्य मामलों के काम का समन्वय करना।
  3. कृषि उपज बाजारों के विकास की राज्य स्तरीय नियोजन का कार्य करना।
  4. मार्किटिंग डिवेलपमैंट फंड का प्रबंधकन करना।
  5. सामान्य में समितियों या उसके सुधार सुनिष्चित करने की दृश्टि से विषेश रूप से किसी भी समिति को निर्देष देना।
  6. इस अधिनियम के तहत विषेश रूप से सौंपा गया कोई अन्य कार्य करना।
  7. राज्य सरकार द्वारा बोर्ड को सौंपा गया कोई अन्य कार्य करना।
  8. प्रमुख या उप बाजार यार्ड की स्थापना के लिए समितियों द्वारा नए स्थलों के चयन के लिए प्रस्तावों को मंजूरी देना
  9. इस तरह की ग्रेडिंग, पैक हाऊसेज़, भंडारण, प्रसंस्करण, अन्य फसलोत्तर प्रबंधन सुविधाओं आदि के रूप् में बाजार क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के निर्माण के लिए प्रस्ताव को मंजूरी देना।
  10. समिति द्वारा की गई योजनाओं और निर्माण कार्यक्रम के अनुमानों की तैयारी में समिति की निगरानी और मार्गदर्षन करना।
  11. बोर्ड के कोश में प्रभार्य सभी कार्यो को निश्पादित करना।
  12. खातों को बनाए रखना और उसे दर्षाये तरीके और ढंग से लेखापरिक्षित करना।
  13. हर वर्ष के अन्त में बैलेंस षीट और सामग्री तथा जिम्मेवारियों की सूची जारी करना और बोर्ड के सभी सदस्यों और राज्य सरकार उसकी नकल भेजनी।
  14. विपणन तकनीक और विस्तार सेवाओं के हस्तांतरण के लिए बोर्ड में विपणन विस्तार गतिविधियों को षूरू करने के लिए यह भी प्रचार ओर कृशि पेदावारन विपणन के विकास के विनियमित विपणन से संबंधित मामलों पर प्रचार व्यवस्था करना।
  15. सभी स्तरों पर कृशि विपणन में प्रषिक्षित कर्मियों के लिए मांग का आकलन करने के बाद अधिकारियों और समितियों के कर्मयारियों और बोर्ड के प्रषिक्षण के लिए सुविधाएं प्रदान करना।
  16. आगामी वर्श के लिए बजट तैयार करना और अपनाना।
  17. कृषि विपणन से संबंधित विशयों पर, सेमिनारों/कार्यषालाओं/प्रदर्षनियों आदि की व्यवस्था करना।
  18. समितियों के लिए या बोर्ड के कुषल संचालन के लिए सामान्य रूचि रखना।
  19. ग्रेडिंग और अधिसूचित कृशि उपज और ई व्यापार के मानकीकरण को संगठित व प्रोत्याहित करना।
  20. ग्रेडिंग, मानकीकरण और राज्य में कृशि उपज की गुणवत्ता प्रमाण पत्र को बढ़ावा देने के उद्देष्य के लिए निर्धारित रूप से कर्तव्यों का पालन करना