वरिश्ठ विपणन अधिकारी

1.    बाजार के विकास, राज्य स्तर की योजना बनाने और इस तरह ग्रेडिंग, पैक हाऊसेज़, भंडारण, प्रसस्करण, अन्य फसलोत्तर प्रबंधन सुविधाओं आदि के रूप में बाजार क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के निर्माण व प्रस्तावों की मंजूरी देनी।

2.    प्रचार और कृशि पेदावारन, विपणन कि विकास के विनियमित विपणन से संबंधित मामलों के लिए आवष्यक व्यवस्था करने के अलावा विपणन तकनीक और विस्तार सेवाओं के हस्तांतरण के लिए बोर्ड में विपणन विस्तार गतिविधियों को षुरू करना।

3.    व्यवस्थित करें यां कृशि विपणन के विशय पर सेमिनार, कार्यषालाओं/प्रदर्षनियों आदि का आयोजन करना।

4.    गे्रडिंग और अधिसूचित उत्पादित कृशि और व्यापार के मानकीकरण को संगठित करने और बढ़ावा देना।

5.    इस तरह के समारोह और ग्रेडिंग मानकीकरण और उपज की गुणवत्ता प्रमाणीकरण के प्रस्ताव के उद्देष्य के लिए निर्धारित किया जा सकता है के रूप् में कर्तव्यों का पालन करने के लिए एक कृशि पेदावार विपणन मानकीकरण ब्यूरो की स्थापना करना।

6.    बाजार के प्रबंधन में सार्वजनिक निजी भागीदारी को बढ़ावा देना

7.    अपने क्षेत्र अर्थत् संग्रह, पेदावारन, बिक्री, भंडारण के संबंध में रखरखाव और सूचना के प्रसार, प्रसंस्करण, कीमतों और अधिसूचित कृशि उपज के आंदोलन में विस्तार गनिविधियों को ले जाने के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी को बढ़ावा देना।

8.    कृशि और बागवानी पेदावार विपणन ;विकास और विनियमनद्ध अधिनियम 2005 के कार्यान्वयन करना।

9.    प्राधिकरणों द्वारा समय-समय पर सौंपा जाने वाला कोई भी अन्य कार्यभार।