चेक पोस्ट
कृषि उत्पाशद मंडी समिति हमीरपुर ने बारसर, कालूर और धनेटा (अस्थाशयी) में तीन चेक पोस्टज स्थाकपित की हैं। इनका उद्देश्यं कृषि उत्पाेदों की आवक और रवानगी का रिकॉर्ड रखना एवं कम्पा ऊंड शुल्क इत्याादि एकत्रित करना है।
मंडी सूचना का प्रसार
23 अधिसूचित कृषि उत्पा दों के रोजाना के थोक भाव कृषि निदेशक शिमला-5 को भेजे जाते हैं, जिन्हेंी रोजाना ऑल इंडिया रेडिया, शिमला पर प्रसारित किया जाता है। इसके साथ ही फलों और सब्जिोयों के रोजाना के थोक भाव आकाशवाणी हमीरपुर को भी भेजे जाते हैं, जो कि रोजाना शाम 6.35 बजे किसानबाणी कार्यक्रम में प्रसारित किए जाते हैं। यह सिलसिला 15.08.2005 से चला आ रहा है। आकाशवाणी के अलावा अब दूरदर्शन शिमला भी मंडी भाव प्रसारित करता है। यह मंडी AGMARKNET www.agmarknet.nic.in वेबसाइट के साथ भी जुड़ चुकी है।
बिक्री का तरीका
बिक्री का तरीका खुली नीलामी/आपसी मोलभाव (मंडी में अधिकतर फल और सब्जि.यां राज्ये/जिले से बाहर के व्यारपारियों द्वारा लाई जाती हैं) है। जब भी स्थाधनीय उत्पा.दक मंडी में थोक मात्रा में स्थासनीय उत्पा द लाते हैं तो इनकी खुली नीलामी की जाती है।
नीलामी का समय
अप्रैल से सितम्बर = शाम 6:30 बजे से सुबह 10:30 बजे (गर्मी)
अक्तूबर से मार्च = शाम 7:30 बजे से सुबह 11:30 बजे (सर्दी)
मंडी अवकाश
आखिरी रविवार
मंडी वर्ष
अप्रैल से मार्च
पिछले 10 वर्षों के दौरान प्रशिक्षित किए गए किसानों के ब्यौरे के साथ किसान जागरूकता शिविर
| वर्ष | शिविर | प्रशिक्षित किए गए कुल किसान |
|---|---|---|
| 2002-03 | - | - |
| 2003-04 | 04 | 400 |
| 2004-05 | 03 | 300 |
| 2005-06 | 03 | 300 |
| 2006-07 | - | - |
| 2007-08 | 04 | 400 |
| 2008-09 | 04 | 600 |
| 2009-10 | 04 | 500 |
| 2010-11 | 02 | 200 |
| 2011-12 | 01 | 200 |
| 2012-13 | 01 | 200 |
सफलता की कहानियां
यद्यपि इस क्षेत्र में विक्रेय अधिशेष बहुत ज्यादा नहीं है, फिर भी एपीएमसी हमीरपुर अधिसूचित मंडी क्षेत्र में उत्पादकों को सेवा प्रदान कर रही है।
सुविधाएं
किसानों को अद्यतन मंडी सूचनाएं उपलब्ध करवाने के लिए हमीरपुर मंडी स्थल में दो प्राइस टिकर बोर्ड स्थापित किए गए हैं।
उपलब्धियां
मंडी समिति ने 14.09.1987 को 21 डीलरों के साथ काम शुरू किया था, लेकिन अब फल, सब्जी, खाद्यान्न, वन उत्पाद और दुग्ध उत्पाद इत्यादि के 139 डीलर इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत कवर होते हैं। शुरुआत में वर्ष 1987-88 के दौरान मंडी समिति की आय 12195 रुपए थी, जो कि अब बढ़कर 1,01,30,101 रुपए हो चुकी है। मंडी समिति अपनी आमदनी से ही कार्यालय और विकास के खर्चे पूरे कर रही है।
भावी योजनाएं
मौजूदा मंडी अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा। कहीं नजदीक ही एक बड़ी मंडी स्थापित करने की संभावनाएं भी खंगाली जाएंगी, क्योंकि हमीरपुर में मौजूदा मंडी स्थल पर काफी भीड़ भड़क्का रहता है। इसके लिए उपयुक्त सरकारी जमीन हस्तांतरित करवाई जाएगी।
