स्थापित की गईं चेक पोस्टों का ब्यौमरा
अधिसूचित क्षेत्र में गैर लाइसेंसशुदा व्याैपारियों से कम्पापऊंड फीस एकत्रित करने के लिए एपीएमसी, मंडी ने 7 चेक पोस्टक स्थाैपित की हैं। कृषि उत्पायदों के अनधिकृत व्याकपार पर नजर रखने के लिए स्थासपित की गईं चेक पोस्टों् का ब्यौररा इस प्रकार है।
| क्रम संख्याष | चेक पोस्टय का नाम |
|---|---|
| 1 | पुंघ (सुंदर-नगर) |
| 2 | चायल चौक |
| 3 | तत्ताचपानी (करसोग) |
| 4 | तताहर (सरकाघाट) |
| 5 | बनोहा (सरकाघाट) |
| 6 | अवाहदेवी (सरकाघाट) |
मंडी स्थ ल में कृषि उत्पा दों की बिक्री का तरीका।
बिक्री के लिए खुली नीलामी और आपसी मोलभाव का तरीका अपनाया गया है। मंडी स्थ ल में व्यासपारियों द्वारा ज्यािदातर फल और सब्जिमयां जिले से बाहर से लाए जाते हैं। जबकि स्थालनीय किसान स्थायनीय उत्पाएदों को भारी मात्रा में यहां लाते हैं और उन्हेंय खुली नीलामी के जरिये बेचा जाता है।
मंडी सूचना का प्रसार
24 अधिसूचित कृषि उत्पाेद वस्तुपओं के रोजाना के थोक भाव कृषि निदेशक और हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, शिमला के पास भेजे जाते हैं, जो रोजाना ऑल इंडिया रेडियो, शिमला पर प्रसारित किए जाते हैं। किसानों के लाभ के लिए मौसमी कृषि उत्पा,दों के महत्वंपूर्ण मंडियों के रोजाना के भाव भी एक बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाते हैं। मंडी स्थ ल धानोटू, मंडी (कांगनी), चायल चौक और ताकोली के रोजाना के फल और सब्जि्यों के भाव इंटरनेट के जरिये भी प्रसारित किए जाते हैं। निम्नवलिखि दैनिक समाचार पत्रों में भी ये भाव रोजाना प्रकाशित किए जा रहे हैं:
1. अमर उजाला
2. पंजाब केसरी
3. हिंदघोष (स्था नीय दैनिक)
फारवर्ड मंडी आयोग ने 2 टिकर बोर्ड उपलब्धह करवाए हैं। ये बोर्ड पीएमवाई मंडी (कांगनी) और एसएमवाई धानोटू में स्थाोपित किए गए हैं। इससे किसानों और आढ़तियों को फायदा पहुंचता है। इन बोर्डों पर कृष वस्तुूओं के रोजाना के भाव प्रदर्शित किए जाते हैं।
एपीएमसी, मंडी द्वारा उत्पाददकों/किसानों को उपलब्धक करवाई जाने वाली सुविधाएं
(क) किसान प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन
ज्यारदा उत्पाादन और अपने उत्पांदों की बेहतर ग्रेडिंग, पैकिंग, भंडारण और विपणन के लिए किसानों को नवीनतम तकनीकों की जानकारी देने के लिए जिले में किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में विश्वनविद्यालयों और कृषि एवं बागवानी विभागों के विपणन विशेषज्ञों का भी पूरा सहयोग रहता है।
(ख) प्लानस्टिाक क्रेटों का वितरण
ग्रेडिंग के बाद खराब होने वाली स्थिाति में पहुंचने वाले कृषि उत्पादों को सही स्थि ति में मंडी तक लाने में किसानों की मदद करने के लिए किसानों को सस्ती दरों पर प्लापस्टि्क की क्रेट उपलब्धम करवाई गई हैं। प्लानस्टिेक क्रेट मिलने के बाद किसानों के लिए उनके उत्पालदों का परिवहन सुरक्षित और आसान हो गया है। पिछले वर्षों के दौरान एपीएमसी, मंडी ने किसानों को प्लाेस्टिदक क्रेट वितरित की हैं।
(ग) दुर्गम इलाकों में सड़कों/रास्तोंो का निर्माण
फलों एव सब्जिोयों का उत्पाअदन करने वाले दुर्गम इलाकों के किसानों की जरूरतों के अनुसार एपीएमसी, मंडी ने पिछले वर्षों के दौरान संपर्क सड़कों के निर्माण पर 1 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इससे किसान परिवहन के विभिन्ने साधनों के जरिये अपने उत्पा दों को आसानी से नजदीकी मंडी में ले जा सकते हैं।
(घ) संग्रहण केंद्र :-
पहाड़ी क्षेत्र में हर जगह परिवहन सुविधा उपलब्धी नहीं है। ऐसे में किसानों के उत्पा द खुले में पड़े रहते हैं। साथ ही उन पर चोरी, बारिश, धूप इत्या दि का खतरा भी मंडराता रहता है। ऐसे में संग्रहण केंद्र की योजना शुरू की गई है, जिसके तहत आगे उपभोक्ताा मंडियों तक परिवहन के लिए किसानों के उत्पामद एक जगह पर एकत्रित किए जाते हैं। संग्रहण केंद्रों की स्थाापना के लिए एपीएमसी, मंडी ने उपयुक्त स्था नों का चयन शुरू कर दिया है।
नाम और पता:
सचिव, ,
एपीएमसी, मंडी (कांगनी),
जिला : मंडी, हिमाचल प्रदेश (175001)
